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Rare Incident's Of Vampire (वैम्पायर की असली घटनाएं)

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नमस्कार दोस्तों,

                  आज हम रहस्यमय सीरीज में वैम्पायर(Vampire) यानि की नरपिशाच के रहस्यों के बारे में जानेंगे। शुरुआत करने से पूर्व में आपको ये बता दू की ये ब्लॉग किसी भी प्रकार के अंधविश्वास को बढ़ावा नही देता है।
               


                 दुनिया में कई तरह के लोग होते हैं जिनमें से कुछ वास्तविक होते हैं और कुछ काल्पनिक  लेकिन कुछ प्रजातियां ऐसी भी हैं जिन्हें ना तो वास्तविक  कहा जा सकता है और ना ही काल्पनिक ऐसा इसलिए क्योंकि ना तो ऐसे लोगों के होने के पुख्ता सबूत मिलते हैं और ना ही इन लोगों के औचित्य को पूरी तरह से झूठ लाया जा सकता है 

                  ये लोग इतने रहस्यमयी होते है कि इनके बारे में संपूर्ण ज्ञान किसी के पास नहीं होता ऐसी ही प्रजाति का नाम है वैम्पायर(Vampire)

                यह लोग ना तो पूर्ण रूप से इंसान होते हैं और ना ही पूरे जानवर और यह लोग ना तो पूर्ण रूप से जीवित होते हैं और ना ही मरे हुए ।
             


                  इतिहास में पाए जाने वाले दस्तावेजों और किंवदंतियों के अनुसार वैम्पायर (Vampire) वो प्रजातियां होती है जो यूं तो मृत लोग होते हैं लेकिन किसी खास दिन वो जाग उठते हैं और अपनी अपनी कब्रो से बाहर निकल आते हैं जागने के बाद यह लोग अपनी भूख को शांत करने के लिए इंसान  या किसी जानवर का खून पीना पसंद करते हैं 

                 उनके अनुसार खून दूसरे जीवो के रगों में  दौड़ने वाला एक ऐसा वाइटल फ़ोर्स (Vital Force)है जो वैम्पायर को मरने के बाद भी  बाद भी जिंदा रखता है और उनकी प्यास बुझाता है। और फिर सूर्योदय होने से पहले वापस अपनी कब्रो में सो जाते हैं।

                 यूरोपियन कल्चर की मान्यताओं के अनुसार वैम्पायर एक गन्दा मेला कुचैला काले रंग का दुशाला ओढे रहते है।  उनकी आंखें सुर्ख लाल होती है चेहरा किसी मूर्ति की तरह होता है और मुंह के अंदर ऊपर की तरफ  2 नुकीले दाँत होते है। वैसे तो वेस्टर्न यूरोप में  18 सेंचुरी से ही वैम्पायर का नाम सुनने को मिलता रहा है।

                 ईस्टर्न यूरोप में उस दौरान मुर्दो के हाथ पैर बांध कर उन्हें कब्र में दफनाने की प्रथा चलती थी कई सारे लोगों पर वैंपायर होने के आरोप लगते थे इसको उस वक्त वैम्पायरज्म नाम दिया गया था 

                 मॉडर्न टाइम में वैम्पायर शब्द केवल एक कल्पना मात्र है लेकिन कई जगहों पर आज भी वैम्पायर के अस्तित्व  को माना जाता है कई लोग एक रहस्यमय जीव  छुपाकाबरा (Chupacabra) को भी वैम्पायर क्रिएचर  मानते है, जो जानवरों का शिकार करके उनका सारा खून पी जाता है।

                             
                                                        छुपाकाबरा (Chupacabra)

               
                    सन 1819 में एक लेखक जॉन विलियम पोलिडोरी(John William Polidori) ने एक बुक लिखी थी जिसका नाम था द वैम्पायर ए टेल (The Vampire A Tale)

               उसके बाद 19 सेंचुरी में इससे प्रभावित होकर ब्रेम स्टोकर (Bram Stocker) ने वैम्पायर पर एक बुक लिखी जिसका नाम था ड्रैकुला (Dracula) ये किताब  लोगों के बीच काफी पॉपुलर हुई।


      (Dracula)                          
               (Dracula)                                      The Vampire 
         
               उसके बाद से ही वैम्पायर  का नाम पूरी दुनिया में जाना जाने लगा इस बुक पर एक मूवी भी बन चुकी है जो काफी सफल रही ।

               आज के समय अगर वैम्पायर के होने की बात की जाए तो लोगों का इस पर विश्वास करना मुश्किल है लेकिन इतिहास में एक ऐसा दौर था जब कई देशों में वैम्पायर की दहशत थी  सर्बिया और अन्य देश मे ऐसे कई पुराने दस्तावेज है जिनमे वैम्पायर (Vampire)की  आतंकित कर देने वाली घटनाओं का जिक्र है।

               इतिहास में ऐसी कई घटनाओं का जिक्र है जो वैम्पायर के होने की तरफ इशारा करती है लेकिन विज्ञान की अगर माने तो इनका कोई अस्तित्व नहीं है क्योंकि विज्ञान के मुताबिक किसी मरे हुए इंसान का फिरसे जिंदा होना संभव नहीं 

              आज के ब्लॉग में हम आपको वैम्पायर से जुड़ी कुछ बेहद रहस्यमय और अचंभित कर देने वाली सच्ची कहानियों के बारे में बताएंगे जिन्हें जानकर आप लोग भी यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि क्या वाकई वैंपायर एक अवधारणा मात्र है या फिर कोई अज्ञात सच तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं 

★) पीटर द ब्लड सकर (Peter The Blood Sucker)  

               सन 1700 के  समय में वेंपायर(Vampire) और उनसे जुड़ी घटनाएं बेहद प्रचलित थी सन 1700 से 1730 के समय को ड्रैकुला का समय माना जाता है उन दिनों यूरोप और इंग्लैंड जैसी जगहों पर लोग वैम्पायर का नाम लेने से भी डरते थे 

               सन 1725 में  लोवो सर्बिया नाम की जगह पर एक किसान था जिसका नाम  पीटर था  उसकी मौत हो गई लेकिन पीटर की मौत के कुछ दिन बाद कुछ ऐसा घटित हुआ, जिसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए अपनी मौत के 3 दिन बाद पीटर अपने 10 साल के बेटे के पास आया और अपने बेटे से कुछ खाने के लिए मांगा उसके बेटे ने पीटर को खाना दे दिया और वह वहां से चला गया लेकिन ,

             अगले ही दिन एक बार फिर वह आया और अपने बेटे से खाना मांगने लगा किन्तु इस बार उसके बेटे ने उसे खाना देने से इंकार कर दिया अगली सुबह पीटर का बेटा मृत अवस्था में पाया गया  




             उसके शव को देखकर ऐसा साफ पता चल रहा था कि इस बच्चे के शरीर में खून की एक बूंद तक नहीं थी क्योंकि उस बच्चे का शरीर पूरी तरह से सफेद पड़ चुका था और उसकी आंखें खुली हुई जिन्हें देखकर लग रहा था मानो उस बच्चे ने मरते समय कोई बेहद खौफनाक मंजर देख लिया हो। 

             उस बच्चे की डेड बॉडी में जो बात सबसे ज्यादा विचित्र थी वह यह थी कि बच्चे की गर्दन का दाहिना और पिछला भाग बुरी तरह से घायल था उसके घाव को देख कर ऐसा लग रहा था कि मानो किसी ने बच्चे की गर्दन को नोच खाया हो।

             इस मौत के बाद लगातार नौ दिनों तक बिल्कुल इसी तरह की मौतों का सिलसिला चलता रहा और उस गांव के लोगों के बीच खौफ इस कदर बढ़ गया कि गांव वालों ने वैम्पायर हन्टर्स की सहायता लेने का फैसला किया 
       
             इन वैम्पायर हन्टर्स ने जब इन सभी 10 मौतों और उन 10 लोगों की डेड बॉडीज की तफ्तीश की तो पाया कि सभी मौतों के पीछे किसी पिशाच यानी कि वैम्पायर  का हाथ है 

             उन्होंने जब पीटर की कब्र को खोल कर देखा तो वहां मौजूद सभी लोग हैरत में पड़ गए पीटर का मृत शरीर अभी भी बिल्कुल ताजा था और उसके कपड़े अभी भी खून से भीगे हुए थे पीटर की छाती में में छड़ी गड़ी हुई थी और पीटर के मुंह में किसी पक्षी के पंख थे।

            पीटर की लाश को उसकी कब्र से निकालकर आग के हवाले कर दिया गया और उसकी राख को पास ही के एक चर्च के सामने दफना दिया गया ताकि पीटर का पिशाच फिर से ना जाग जाए इसके बाद पीटर को दोबारा कभी नहीं देखा गया लेकिन पीटर की छाती में वह छड़ी और उसके मुंह में वह पक्षियों का पंख कहां से आए 

            इस गुत्थी को कोई नही  सुलझा पाया क्या पीटर पर किसी प्रकार का अनुष्ठान करके उसे वैम्पायर(Vampire) बनाया गया ? इस सवाल का जवाब पीटर की राख  के साथ हमेशा के लिए जमीन  में दफन होगया।

★) एलिजाबेथ बैथरी  (Elizabeth Baithory) 

                एलिज़ाबेथ  को ब्लड काउंटेस (Blood Countess) के नाम से भी जाना जाता है उसने 21 अगस्त 1614 तक हंगरी (Hungry) पर राज किया एलिज़ाबेथ  को इतिहास के कुछ सबसे क्रूर महिलाओं में से एक माना जाता है जिसके चलते गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा कत्ल करने वाली महिलाओं में एलिजाबेथ का नाम दर्ज है

                बहुत से इतिहासकारों का मानना है कि एलिजबेथ एक जीती जागती वैम्पायर (Vampire)थी वह लोगों को बेहद क्रूरता से मौत के घाट उतार देती थी लोगों को मारने के लिए नए-नए तरीके अपनाती थी जिनसे मरने वालों को अधिक से अधिक तकलीफ पहुंचे। 

                वह अपने शिकार को सुइयों और किलो से गोदति थी ताकि उनके शरीर से धीरे-धीरे सारा खून निकल जाए  और वह इंसान तड़प तड़प कर दम तोड़ दे


                                             एलिज़ाबेथ

               इसके अलावा  वह लोगों को निर्वस्त्र करके बाहर छोड़ देती थी जब तक उनका शरीर ठंड की वजह से जम नहीं  जाता था यही नहीं वह काला जादू करने में पारंगत थी । 

              वह 10 से 14 साल की लड़कियों को मारकर उनके खून से स्नान करती थी उसका मानना था 10 से 14 साल की लड़कियों के खून में स्नान करने से उसका सौंदर्य बरकरार रहेगा ।

              एलिज़ाबेथ के क्रुर तरीको  से तंग आकर  अन्य राजाधिकारियों ने उसको बंदी बना लिया और उसको अपने जीवन के आखिरी दिन जेल में गुजारने पड़े ।

              1614 में एक रात एलिज़ाबेथ ने अपनी जेल के पहरेदार से शिकायत की कि उसे हाथों पर बहुत ठंड लग रही है और वह अपने हाथों को महसूस नहीं कर पा रही है

              एलिजाबेथ ने पहरेदार  को बताया कि उसे ऐसा लग रहा है, कि उसका पूरा शरीर आग की चपेट में है उसे असहनीय जलन का एहसास हो रहा है लेकिन पहरेदार ने एलिजबेथ की सारी बातों को नजरअंदाज कर दिया अगली सुबह एलिज़ाबेथ को अपने कारागर में मृत पाया गया। 

              एलिज़ाबेथ कि मौत के बाद उसे कॉफिन में रखा गया और उसे दफनाने के लिए  ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचकर जब कॉफिन को खोला गया तो सबके होश उड़ गए क्योंकि कॉफिन  में से एलिज़ाबेथ की लाश गायब हो चुकी थी 
        
               उसकी लाश गायब होने का कारण और रहस्य आज भी ज्यों का त्यों बना हुआ है। क्या वो वाकई में वैम्पायर थी या सिर्फ वैम्पायर एक अवधारणा मात्र है।

★) सोल्जर अर्नोल्ड पाउलो (Arnold Paole)

               यह कहानी शुरू होती है 1726 से जब एक ऑस्ट्रेलियन सोल्जर अर्नोल्ड पाउलो अपने मिलिट्री सर्विस पूरी करके दोबारा अपने घर लौट रहा था 
           
              उसने घर आकर अपने परिवार और अपने दोस्तों के साथ एक बहुत ही अजीब घटना को शेयर किया ।अपनी मिलिट्री सर्विस के दौरान अर्नाल्ड कार्त्सवो (Carstvo) में था जो उस वक्त तुर्की सर्बिया का पार्ट हुआ करता था

                उस वक्त वहां पर रोमन साम्राज्य और ऑटोमन साम्राज्य (Ottoman Empire)के बीच जंग छिड़ी थी उसी जंग के दौरान उसका एक शापित व्यक्ति से सामना हुआ। जो अर्नाल्ड के मुताबिक एक वैम्पायर था।



                हालांकि उससे टकराव के दौरान  अर्नाल्ड ने उसे मार दिया था लेकिन मरने से पहले उसने अर्नाल्ड को काट लिया जिसके बाद से अर्नाल्ड को अपने शरीर में अजीब से बदलाव महसूस होने लगे और उसे यह अंदाजा हो गया था कि उस वैम्पायर के काटे जाने का ही असर था

               इस श्राप से मुक्त होने के लिए और प्रभाव को खत्म करने के लिए अर्नाल्ड ने उस व्यक्ति की कब्र से मुट्ठी भर मिट्टी लेकर खाली ये उस समय की रीत हुआ करती थी जो वैम्पायर(Vampire)के काटे जाने के प्रभाव से मुक्त होने के लिए प्रयोग में लिया जाता था लेकिन इतना सब उसके लिए काफी नहीं था और वह अच्छे से जानता था कि अभी तक वह शाप से मुक्त नहीं हो सका है।

              2 साल बाद जब वह आर्मी से दोबारा लौटा तो मिडविज्या नाम के गांव में एक एक्सीडेंट के दौरान उसकी मृत्यु हो गई उसकी  मौत के एक महीने बाद ही गांव में वैम्पायर अटैक की चर्चा होने लगी गांव के कुछ लोगों ने मरे हुए अर्नाल्ड को अपनी  आंखों से देखने का दावा किया।

              उनके मुताबिक उन्होंने रात के समय अर्नाल्ड को लोगों को मारते हुए और उनका खून पीते देखा वह लोग काफी दहशत में थे कुछ समय बाद गांव में कई लोग बीमार होने लगे उनके शरीर में खून की कमी होने लगी थी और इसी वजह से 4 लोगों की मौत भी हो गई थी 

              लोगों के खोफ और दावो की वजह से गांव के मुखिया ने अर्नाल्ड की बॉडी  को दोबारा कब्र से बाहर निकालने का फैसला लिया  ताकि वो ये देख सके कि अर्नाल्ड के वैम्पायर(Vampire) होने के सबूत है या नहीं 

             जब उसकी बॉडी को कब्र से बाहर निकाला गया तो लोग यह देखकर हैरान हो गए कि उसे दफनाने के 40 दिन बाद भी उसकी बॉडी वैसी की वैसी थी हालांकि उसके बाल,नाखून और दाढ़ी बढ़ चुकी थी और उसकी आंख नाक और मुंह से खून बह रहा था 

             जब गांव के लोग पूरी तरह से इस बात से सन्तुष्ट हो गये की  गांव में हो रही बर्बादी की वजह अर्नोल्ड ही  था तो उन्होंने उसके दिल में खंजर घोप दिया उसके शरीर पर लहसुन का रस डालकर उसके सिर को धड़ से अलग करके उसको जला दिया गया 

             चश्मदीदों के मुताबिक जब उसके सीने में खंजर घोपा गया  तब एक बहुत ही डरावनी चीख को सुना जा सकता था यह चीज दोबारा ना हो इस बात को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने बाकी की चार व्यक्ति के साथ भी वही किया उनकी बॉडी को कब्र से निकाल कर उन्हें भी जला दिया गया ।


दोस्तों  क्या वाकई में  वैंपायर(Vampire) होते हैं ?
आपकी इस बारे में क्या राय है हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं 
धन्यवाद !

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